ॐ श्री सरस्वतयै नमः।। या कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ।। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ।।1।। शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमांद्यां जगद्व्यापनीं । वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यांधकारपहाम्।। हस्ते स्फाटिक मालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम् । वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्।।2।।
Daily Archives: April 20, 2018
1 post