Shiv Stuti

शिव स्तुति

कर्पूरगौरं करुणावतार
संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्
सदावसन्तं हृदयारविन्दे
भवं भवानीसहितं नमामि

अर्थ
यह जो कपूर की तरह निर्मल एवम श्वेत हैं और करुणा एवम दया का रूप हैं सारा संसार इनमे ही निहित हैं जिसने सर्प को हार की तरह धारण किया हैं जो संसार के प्रत्येक कोने में मौजूद हैं जिनके ह्रदय में माँ भवानी का वास हैं ऐसे भगवान् शिव और माँ पार्वती को मेरा नमों नमह |

Shiva Pooja Bookश्री गुरुभ्यो नम:, हरि:ॐ, शम्भवे नम:
ॐनमोभगवते वासुदेवाय, नमस्ते अस्तु भगवान विश्वेश्वराय
महादेवाय त्र्यम्बकाय त्रिपुरान्ताकाय त्रिकालाग्निकालाय
कलाग्निरुद्राया नील्कंठाया मृत्युन्जायाया सर्वेश्वराय सदाशिवाय श्रीमन्महादेवाया नम: